केन्द्र के संबंध् में

श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अन्तर्गत कार्यरत स्वायत्तशासी संस्था राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् की एक इकाई है जो राज्य स्तरीय विज्ञान केन्द्रों में प्रथम तथा बिहार प्रदेश की एक मात्रा संस्था है ।
इसकी स्थापना बिहार के प्रथम मुख्यमंत्राी ;डा0 श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर सन् 1978 में पटना में हुआ जिसका उद्घाटन तत्कालीन शिक्षा मंत्राी श्री ठाकुर प्रसाद सिंह द्वारा 14 अप्रैल 1978 में किया गया । सन् 1978 में इसके शुरुआत से ही यह केन्द्र पूरे राज्य में बहुसंख्य दर्शकों मुख्यतः स्कूली विद्यार्थियों में ‘विज्ञान सबके लिए’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को शामिल करते हुए अनौपचारिक शिक्षा द्वारा राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना है । यह केन्द्र पूरी तल्लीनता से स्वयं द्वारा बार - बार आनन्दपूर्वक सीखने के अनुभव की प्रवृत्ति प्रदान करता है ।
इसके अतिरिक्त स्थायी दीर्घाओं में विज्ञान पर बहुतायत प्रतिभागी प्रदर्शों द्वारा यह केन्द्र लगातार शैक्षणिक कार्यक्रम एवं क्र्रियाकलापों द्वारा मुख्यतया विद्यार्थियों के लिए दोहराने की वैज्ञानिक प्रवृत्ति से विज्ञान शिक्षा को अनौपचारिक रुप से रोचक बनाया गया है ।

उद्देश्य

विज्ञान एवं प्रावैध्किी के विकास को चित्राण करना तथा उनके उद्योग में प्रवेश और मानव कल्याण, उनमें वैज्ञानिक रवैया एवं सोंच को विकसित करना, बार - बार दोहराकर याद करने की प्रवृत्ति को बनाये रखना एवं लोगों में सामान्य जागरुकता बनाये रखना । महत्वपूर्ण ऐतिहासिक वस्तुओं को संग्रह करना, बहाल करना एवं संरक्षण देना जो कि विज्ञान एवं प्रावैध्किी तथा उद्योग में मील का पत्थर साबित हो । विज्ञान शिक्षा की लोकप्रियता को बढ़ाने हेतु विज्ञान संग्रहालय का डिजाइन, विकास एवं निर्माण द्वारा प्रदर्श, व्याख्यान, उपकरण तथा वैज्ञानिक तरीके से शिक्षण सामग्री को विकसित करना । विज्ञान एवं प्रावैध्किी को शहरों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियोें एवं जन साधरण के बीच लोकप्रिय बनाने हेतु प्रदर्शनियाॅ, संगोष्ठी, लोकप्रिय वार्ता, विज्ञान शिविर एवं अनके कार्यक्रम आयोजित करना । विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को पूरक शिक्षा देने हेतु एवं विद्यालय से बाहर विद्यार्थियों में कार्यात्मक सक्रियता तथा वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने के लिए चेतना पैदा करना । विज्ञान शिक्षकों, विद्यार्थियों, युवकों, तकनिशियनों, निःशक्त लोगों तथा ग्रहिणियों एवं अन्यों को विज्ञान प्रावैध्किी एवं उद्योग के विशेष विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना । विश्वविद्यालयों, तकनिकी संस्थानों, संग्रहालयों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों या दूसरे क्षेत्रों में योजना एवं विज्ञान संग्रहालयों को संगठित करना तथा लोगों को संग्रहालय व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण देना । विज्ञान प्रदर्शों एवं व्याख्यान सामग्री को विकसित करने हेतु केन्द्रों की स्थापना करना ।

खुलने का समय

केन्द्र दर्शकों के लिए होली एवं दीपावली के अतिरिक्त सुबह 10.30 से संध्या 6.00 बजे तक प्रतिदिन खुला रहता है । टिकट घर संध्या 5.30 बजे बन्द होता है ।

प्रवेश शुल्क

केन्द्र का प्रवेश टिकट
  • सामान्य दर्शक - 25/- पच्चीस रुपये प्रति व्यक्ति
  • 25 या उससे अध्कि दर्शकों का समूह - 20/- बीस रुपये प्रति व्यक्ति
  • विद्यार्थी समूह - 10/- दस रुपये प्रति विद्यार्थी
  • सरकारी विद्यालय के विद्यार्थी समूह - 5/- पाँच रुपये प्रति विद्यार्थी
तारामण्डल शो टिकट
  • सामान्य दर्शक एवं छात्रा समूह - 10/- दस रुपये प्रति व्यक्ति
  • सरकारी विद्यालय के विद्यार्थी समूह - 5/- पाँच रुपये प्रति विद्यार्थी
विज्ञान प्रदर्शन टिकट
  • सामान्य दर्शक एवं छात्रा समूह - 10/- दस रूपये प्रति व्यक्ति
  • सरकारी विद्यालय के विद्यार्थी समूह - 5/- पाँच रुपये प्रति विद्यार्थी
त्रिआयामी विज्ञान प्रदर्शन टिकट
  • सामान्य दर्शक - 25/- पच्चीस रुपये प्रति व्यक्ति
  • 25 या उससे अध्कि दर्शकों का समूह - 20/-बीस रुपये प्रति व्यक्ति
  • विद्यार्थी समूह - 15/- पन्द्रह रुपये प्रति विद्यार्थी
  • सरकारी विद्यालय के विद्यार्थी समूह - 10/- दस रुपये प्रति विद्यार्थी
डिजिटल तारामण्डल प्रदर्शन टिकट
  • सामान्य दर्शक - 25/- पच्चीस रूपये प्रति व्यक्ति
  • 25 या उससे अध्कि दर्शकों का समूह - 20/- बीस रूपये प्रति व्यक्ति
  • विद्यार्थी समूह - 15/- पन्द्रह रूपये प्रति विद्यार्थी
  • सरकारी विद्यालय के विद्यार्थी समूह - 10/- दस रुपये प्रति विद्यार्थी
उपरोक्त सभी प्रदर्शनों को देखने हेतु विद्यालय के प्रधान द्वारा निर्गत पत्रा लाना होगा वर्दी में पुलिस एवं सेना में कार्यरत सेवक एवं शारीरिक रुप से विकलांग तथा 3 वर्ष से नीचे उम्र के बच्चों हेतु निःशुल्क।