स्मरणीय दिवस




प्रत्येक वर्ष कई स्मरणीय दिवस जैसेः पृथ्वी दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस,विश्व ओजोन दिवस, विश्व विज्ञान दिवस, हिरोशिमा एवं नागासाकी दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, डा0 श्रीक्ष्ण सिंह जन्म जयन्ती ;प्रथम मुख्यमंत्री, बिहार आदि को मनाने के लिए लोकप्रिय व्याख्यान, प्रदर्शनीयाँ तथा अन्य प्रतियोगी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ।

लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान



समय - समय पर इस केन्द्र द्वारा इस क्षेत्रा से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों द्वारा लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान आयोजित की जाती है । प्रायः दृश्य-श्रवण प्रदर्शन के द्वारा पूरक प्रश्न से यह व्याख्यान होता है । विद्यार्थी एवं शिक्षक अपने ज्ञान को बढ़ाते हैं ओर वे अपनी शंकाओं का विचार विमर्श द्वारा हल कर सकते हैं ।

आकाश दर्शन कार्यक्रम



आकाश के साफ रहने पर विज्ञान केन्द्र में शाम में आकाश दर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है । केन्द्र उच्च स्तर के अपवर्तन दूरबीन का उपयोग करता है जिसका खगोलशास्त्रा के ज्ञाताओं के द्वारा छात्रों एवं आम जनता के लिए रात्रि में आकाश दर्शन कराया जाता है । तारामण्डलों की पहचान और दूसरे खगोलीय पिण्डों, मुख्य घटनाओं जैसे उल्कापात और ग्रहण आदि को दिखलाया जाता है । सामान्यतः इस दूरबीन को शीत ऋतु में आकाश साफ रहने पर दिखलाया जाता है । इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य छात्रों, शिक्षक एवं आम जनता में खगोलीय घटनाओं के प्रति जागरुकता को विकसित करता, नवीनतम विकास, खोज खगोलशास्त्रा के नये सिद्धांत की जानकारी देना है ।

विज्ञान प्रश्नोत्तरी



यह पटना के विद्यालय के छात्रों के लिये एक महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम है । जाने-माने संगठन पूर्व में इस कार्यक्रम के सहयोगी रहे हैं ।

शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम



औजारों के बारे में शिक्षकों को जानकारी करने का अवसर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करता है । कच्चे सामग्रियों, तकनीकों और विचारों को मिलाकर कम कीमत के शिक्षण सहायक सामग्रियों को विकसित करना अर्थात् आपकी अपनी प्रयोगशला बनाने का लक्ष्य इसका उद्देश्य है । अपने वर्ग के व्याख्यान में पूरक रुप से कम कीमत के शिक्षणसहायक सामग्रियों के उपयोग को बढ़ाना है । सेवा काल या सेवा काल से पहले शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम पढ़ने सीखने के तरीके में एक नया आयाम जोड़ता है ।

अवकाश रुचि कार्यशाला



आजकल बच्चे एवं उनके अभिभावक अवकाश के समय को रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहते हैं । इस उद्देश्य से कई अवकाश रुचि कार्यशाला केन्द्र के द्वारा आयोजित किये जाते हैं । प्रतिदिन इलेक्ट्रानिक्स, एयरोमाॅडलिंग, शीप मॉडलिंग, वैज्ञानिक खिलौना निर्माण तथा रचनात्मक कला इत्यादि कुछ कार्यशालायें हैं ।

विज्ञान प्रदर्शन व्याख्यान



यह कार्यक्रम शिक्षकों को कक्षा में कम कीमत की सामग्रियों और हस्त औजारों से सरल प्रयोगात्मक प्रदर्शों के प्रभाव से परिचित कराना है । यह तरीका है परस्पर ज्ञानार्जन करने में प्रश्न करने की प्रक्रिया, निरीक्षण करना, तर्कपूर्ण कारण एवं अन्त में बुनियादि वैज्ञानिक सिद्धांत के निष्कर्ष पर पहुँचना ।

विज्ञान गोष्ठी



श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र, पटना प्रत्येक वर्ष राज्य शिक्षा शोध् एवं प्रशिक्षण परिषद्, बिहार के सहयोग से अगस्त महीने में अपने प्रांगण में बिहार राज्य स्तरीय विज्ञान गोष्ठी आयोजित करता है । प्रत्येक वर्ष गोष्ठी का एक निश्चित विषय निर्धरित रहता है । प्रत्येक प्रमंडल से दो छात्रा, एक जूनियर ;कक्षा 7 से 8 दूसरा सीनियर ;कक्षा 9 से 10 का चयन राज्य शिक्षा शोध् एवं प्रशिक्षण परिषद्, बिहार द्वारा किया जाता है जो इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं । प्रत्येक प्रतिभागी छह मिनट में अपने विचार को निश्चित शीर्षक पर प्रस्तुत करते हैं । बिहार राज्य विज्ञान गोष्ठी के सीनियर ग्रुप के विजेता को राष्ट्रीय विज्ञान गोष्ठी में बिहार का प्रतिनिध्त्वि करने का अवसर मिलता है । विज्ञान गोष्ठी का उद्देश्य युवा विद्यार्थियों के मस्तिष्क में वैज्ञानिक खोज और विश्लेषणात्मक सोच की समझ को बढ़ावा देना है ।

विज्ञान नाटक प्रतियोगिता



राज्य शिक्षा शोध् एवं प्रशिक्षण परिषद्, बिहार के सहयोग से श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र, पटना राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन अपने परिसर में हर वर्ष करता है । कुछ निश्चित विषयों पर प्रत्येक वर्ष विज्ञान नाटक प्रतियोगिता होती है । राज्य शिक्षा शोध् एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा चयनित किये गये प्रत्येक प्रमंडल से आठ विद्यार्थी और एक मार्गदर्शक शिक्षक को इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी जाती है । राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता की विजेता टीम क्षेत्राीय स्तर विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिध्त्वि करती है । इस कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं दूसरे विज्ञान प्रसारकों में नाटक के साथ खोज और प्रयोग के रुप में विज्ञान के संदेश को बढ़ावा देना है । नाटक या थियेटर हमारे समाज के मनोरंजन, आनन्द की पुरानी परंपरा है ओर सामाजिक संदेश देने के लिए सामाजिक क्रियाकलाप का एक माध्यम है। दूसरे शब्दों में सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए समाज को ठीक करने के लिए एक अपरोक्ष तरीका है ।
विज्ञान नाटक प्रतियोगिता केवल एक रचनात्मक दिखावटी एवं तरुण कलाकारी का बेहतरीन प्लेटफार्म ही नहीं है बल्कि हमारे समाज में समकालीन महत्व की सामाजिक तथा वैज्ञानिक समस्याओं से व्यवहार करने का एक महत्वपूर्ण औजार है जो नाटक के माध्यम से उपयोगी है ।